गैस शुल्क लेने वालों पर होगी सख्ती:-
चेतावनी
नई दिल्ली, एजेंसी। एलजीपी संकट की आड़ में ग्राहकों से गैस शुल्क वसूल रहे होटलों और रेस्तरांओं को सरकार ने सख्त चेतावनी जारी की है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने बुधवार को कहा है कि ये अनुचित व्यापार गतिविधियां हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने होटल, रेस्तरांओं को किया आगाह कि वे एलपीजी शुल्क और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क न लगाएं। सीसीपीए ने कहा कि ग्राहकों के बिलों में एलपीजी शुल्क, गैस अधिभार और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाने को संज्ञान में लिया गया है। सीसीपीए ने पाया कि सेवा शुल्क संबंधी मौजूदा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर ऐसे शुल्क लगाए जा रहे हैं। सीसीपीए ने चेतावनी दी है कि कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में स्वतः ही ‘एलपीजी शुल्क’, ‘गैस शुल्क’ या इसी तरह के शुल्क नहीं जोड़ेगा। इस मामले में उपभोक्ताओं को गुमराह नहीं किया
देशभर में उपभोक्ता कर रहे शिकायत
- नींबू पानी पर वसूला
बेंगलुरू के एक कैफे द्वारा ‘गैस संकट शुल्क’ वसूलने के मामला सामने आया है। पीड़ित ग्राहक ने कैफे का बिल सोशल मीडिया साझा किया। ग्राहक ने दो गिलास ‘मिंट लेमोनेड’ ऑर्डर किए थे, जिसका कुल बिल 374 रुपये था। इसमें 17.01 रुपये का ‘गैस क्राइसिस’ शुल्क भी था।
- अन्य शहरों में भी वसूली
इसके अलावा चेन्नई, गुरुग्राम और अन्य शहरों में भी गैस शुल्क वसूलने के मामले सामने आए हैं, जहां ग्राहकों से इडली, वड़ा और मोमोज जैसी चीजों पर 9 से 30 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सेवा शुल्क अनिवार्य नहीं है और यह वैकल्पिक होना चाहिए यानी ग्राहक इसे देने से इनकार कर सकते हैं।
क्या करें पीड़ित ग्राहक
यहां कर सकते हैं शिकायत
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर 1915 डायल करके या टोल फ्री नंबर 1800-11-4000 पर कॉल करके दर्ज की जा सकती है।
एनसीएच के मोबाइल ऐप या या आधिकारिक पोर्टल (व्ब्ल्यू. कंज्यूमर helpline.gov.in) पर जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
यदि होटल या रेस्तरां बिल से गैस शुल्क जोड़ता है तो सबसे पहले यह शुल्क हटाने का अनुरोध करें।
यदि होटल या रेस्तरां इससे इनकार करें तो बिल की प्रति अपने पास सुरक्षित रखें और शिकायत करें
source:- Akbaar news paper… Thank you!